India vs South Africa: South Africa won by 30 runs in the First Test
हैलो फ़्रेंड्स, स्वागत है आपका हमारे इस ब्लॉग में जिसका शीर्षक है ‘India vs South Africa: South Africa won by 30 runs in First Test‘। कोलकाता में खेले गए इस टेस्ट मैच में पिच का व्यवहार भी बिल्कुल अजीब रहा। इस पिच पर बल्लेबाज़ी बिल्कुल भी आसान नहीं थी।

India vs South Africa का पहला टेस्ट कोलकाता के एडेन गार्डन स्टेडियम में खेला गया। इसमें टॉस की भी भूमिका बहुत ही अहम रही। भारत से तो लगता है कि टॉस का सिक्का बिल्कुल रूठा हुआ है। India vs South Africa के पहले टेस्ट का टॉस भी साउथ अफ्रीका के पाले में गया।
टॉस जीतकर साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाज़ी को चुना। उनका यह फैसला अकदम सही साबित हुआ।

साउथ अफ्रीका की पहले बल्लेबाज़ी:
साउथ अफ्रीका की ओर से बल्लेबाज़ी के लिए उतरे एडेन मार्करम तथा रयान रिकेलटन ने सधी हुई शुरुआत की। मार्करम ने 48 गेंदों पर 31 रन तथा रयान रिकलटन 22 गेंदों पर 23 रनों का सहयोग दिया। दोनों ने पहले विकेट की साझेदारी में 10.3 ओवर्स में 57 रनों की तेज शुरुआत की।

रयान के आउट होने के बाद मार्करम भी जल्दी आउट हो गए। कप्तान बवूमा भी 3 रन के निजी स्कोर पर जल्दी ही चलते बने। टोनी ने 24 रनों की अहम पारी खेली। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। निचले बल्लेबाज़ कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए।
इस प्रकार साउथ अफ्रीका की पूरी टीम मात्र 159 रनों पर ढेर हो गई। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने सर्वाधिक 5 विकेट लिए। मोहम्मद सिराज तथा कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट लिए। अक्षर पटेल के खाते में एक विकेट आया।

भारत ने 159 रनों पर साउथ अफ्रीका को ऑल आउट किया तो मानो लग रहा था कि भारत शायद इस टेस्ट को आसानी से जीत जाएगा ओर साउथ अफ्रीका के विजय रथ को थाम लेगा। परंतु मैच में अभी ट्विस्ट आना बाकी था।
भारत की बल्लेबाज़ी:
भारत की ओर से बल्लेबाज़ी के उतरे यशस्वी जाइसवाल जल्दी आउट हो गए। वे मात्र 12 रन बनाकर जानसेन का शिकार हुए। के.एल. राहुल ने इस मुश्किल होती पिच पर 119 गेंदों का सामना करते हुए 39 रन बनाए। वे महाराज का शिकार हुए।

वाशिंगटन सुंदर भी 29 रन बनाकर हारमर का शिकार हो गए। विकेट कीपर पंत तथा ऑलराउंडर जडेजा 27-27 रन बनाकर आउट हुए। ध्रुव जूरेल भी मात्र 14 रन तथा अक्षर पटेल 16 रन बनाकर आउट हो गए।

भारत का कोई भी बल्लेबाज़ 50 के अंक को छू ना सका। इस प्रकार भारत की पहली पारी 189 रनों पर सिमट गई। भारत को अपनी पारी में कुल 30 रनों की बढ़त प्राप्त हुई। साउथ अफ्रीका की और से साइमन ने 4 विकेट लिए। मैक्रो जानसेन ने 3 विकेट लिए।
साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी:
साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी भी बेहद खराब रही। प्रमुख ऑपनेर बल्लेबाज़ रेयान रिकेलटन 11 रन तथा मार्करम 4 रन बनाकर आउट हो गए। Muldar भी मात्र 11 रन बनाकर आउट हो गए। एक समय साउथ अफ्रीका के 6 विकेट मात्र 75 रनों पर गिर चुके थे।

एक समय ऐसा लगा कि मानो साउथ अफ्रीका की टीम 100 रनों के भीतर सिमट जाएगी। परंतु उनके कप्तान बवूमा ने हिम्मत नहीं हारी तथा अंत तक 55 रन पर नाबाद रहे। उनका साथ दिया निचले बल्लेबाज़ कोरबिन बॉश ने जिन्होंने 25 रनों की कीमती पारी खेली ओर साउथ अफ्रीका को 150 रनों के पार किया।
इस प्रकार साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी का अंत 153 रनों पर हुआ। भारत की और से रवींद्र जडेजा ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए। कुलदीप तथा सिराज ने 2-2 विकेट लिए। बुमराह तथा पटेल ने 1-1 विकेट लिया। इस प्रकार भारत को जीत के लिए 134 रनों लक्ष्य प्राप्त हुआ। पिच को देखते हुए यह लक्ष्य प्राप्त करना आसान नहीं था।
भारत की दूसरी पारी:
India vs South Africa के इस टेस्ट सीरीज़ के पहले टेस्ट में भारत को बढ़त बनाने के लिए 134 रनों का लक्ष्य मिला। भारत की शुरुआत बेहद ही खराब हुई। भारत की ओपनिंग जोड़ी मात्र 1 रन पर ढेर हो गई।
इसके पश्चात वाशिंगटन सुंदर तथा ध्रुव जूरेल ने पारी को संभालने की कोशिश की। सुंदर ने 31 रन बनाए। ध्रुव जूरेल इस बार भी नाकाम साबित हुए तथा 13 रन बनाकर आउट हो गए। विकेट कीपर ऋषभ पंत मात्र 2 रन बनाकर साइमन हारमर का शिकार हुए।
रवींद्र जडेजा 18 रन तथा अक्षर पटेल 26 रन जरूर कुछ संधर्ष किया। परंतु ये संघर्ष भी काम ना आया और भारत की पूरी टीम मात्र 93 रनों पर ढेर हो गई। भारत अपनी पहली पारी में मिली 30 रनों की बढ़त का फायदा भी नहीं ले पाया तथा 30 रनों से पहला टेस्ट हार गया।

साउथ अफ्रीका की और से हारमर ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए। जनसेन ने तथा महाराज ने 2-2 विकेट लिए। मार्करम के खाते में भी एक विकेट आया।
India vs South Africa: मैच के कुछ प्रमुख पहलू
1. पहला टेस्ट मात्र तीन दिनों में ही समाप्त हो गया। ये भारत में एक अनोखा रिकार्ड है।
2. यह पिछले 66 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि दोनों टीम 4 इनिंग्स खेल कर 200 रनों का आंकड़ा भी छू नहीं पाई।
3. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा केवल 12 बार ही ऐसा हुआ है।
4. भारत 124 का टारगेट भी छू नहीं पाई। जबकि भारत की अपने घरेलू मैदान पर बल्लेबाज़ी बहुत सक्षम मानी जाती है।
5. भारत, दूसरी बार लोवेस्ट टारगेट पूरा नहीं कर पाई। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ भी 1997 में 120 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई थी।
6. पिच का व्यवहार भी चिंता का विषय रहा।
7. साउथ अफ्रीका भी अपना सेकंड लोवेस्ट टारगेट बचाने में सफल रहा। इससे पहले 1994 में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना लोवेस्ट टारगेट 117 रन बचाने में सफल रहा था।
8. भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल बल्लेबाज़ी तो करने आए। परंतु गले में चोट के कारण वे पहली पारी में रिटायर्ड हर्ट हुए तथा दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतर नहीं सके। इसका बहुत बड़ा फायदा साउथ अफ्रीका को हुआ।
9. मैच के दौरान जसप्रीत बुमराह ने साउथ अफ्रीका के कप्तान बवूमा के खिलाफ गलत टिप्पणी की जो बहुत ही विवादास्पद रही।
10. कप्तान बवूमा ने अपनी विलक्षण प्रतिभा से बुमराह की कथित टिप्पणी का जवाब अपनी सशक्त बल्लेबाज़ी से देकर तथा साउथ अफ्रीका को इस टेस्ट मैच में जीत दिलाकर दिया।
FAQs: (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) India vs South Africa
प्रश्न 1. टॉस किसने जीता?
उत्तर- टॉस साउथ अफ्रीका ने जीता तथा पहले बल्लेबाज़ी का निर्णय लिया।
प्रश्न 2. पहली पारी में साउथ अफ्रीका ने कितने रन बनाए?
उत्तर- पहली पारी में साउथ अफ्रीका ने 159 रन बनाए।
प्रश्न 3. भारत ने पहली पारी में कितने रन बनाए?
उत्तर- भारत ने अपनी पहली पारी में 189 रन बनाए तथा 30 रनों की बढ़त बनाई।
प्रश्न 4. साउथ अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में कितने रन बनाए?
उत्तर- साउथ अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 153 रन बनाए।
प्रश्न 5. भारत को जीतने के लिए कितने रनों का लक्ष्य मिला?
उत्तर- भारत को जीतने के लिए 124 रनों को लक्ष्य मिला।
प्रश्न 6. साउथ अफ्रीका ने पहला टेस्ट कितने रनों से जीता?
उत्तर- साउथ अफ्रीका ने भारत को पहले टेस्ट में 30 रनों से हराया।
प्रश्न 7. दोनों के बीच पहला टेस्ट कहाँ खेला गया?
उत्तर- दोनों के बीच पहला टेस्ट कोलकाता के इडेन गार्डन स्टेडियम में खेला गया।
निष्कर्ष:
ये टेस्ट मैच कई यादगार पलों के लिए जाना जाएगा। इस टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका के कप्तान बावूमा का प्रदर्शन वाकई में कबीले तारीफ था। उन्होंने विकट परिस्थितियों में जुझारू पारी खेल कर साउथ अफ्रीका को इस महत्वपूर्ण टेस्ट में विजय प्राप्त कराई। कोलकाता का ये विकेट बल्लेबाजी के लिए बेहद ही मुश्किल था।
ये जीत साउथ अफ्रीका के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। भारत को भी अपनी कमियों पर पार पाना होगा। ये भारत के लिए एक मुश्किल चुनौती है। भारत को अब हर हालत में दूसरा टेस्ट जीत कर अपनी वापीसी करनी ही होगी। भारतीय कप्तान गिल का घायल हो जाना भारत के लिए एक बहुत चिंता का विषय है।
भारत ने पहले भी कई बार जोरदार वापसी की है। हम उम्मीद करतें है कि आने वाले मैचों में भारत की और से एक शानदार वापसी देखने को मिलेगी। जय हिन्द।