IPL 2025: RCB Vs CSK

आरसीबी बनाम सीएसके: 28 मार्च 2025 का रोमांचक मुकाबला – एक ऐतिहासिक जीत का पूरा लेखा-जोखा

28 मार्च 2025 का दिन भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार दिन बन गया, जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 के 8वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को उनके घरेलू मैदान एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेपॉक में 50 रनों से करारी शिकस्त दी।

यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि आरसीबी ने 17 साल बाद चेन्नई में सीएसके को हराने का कारनामा किया, जो उनके लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही। इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद थी, लेकिन आरसीबी ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी को चौंका दिया। आइए, इस रोमांचक मैच के हर पहलू को विस्तार से जानते हैं।

मैच की शुरुआत और टॉस का फैसला

शाम 7:00 बजे जब टॉस के लिए दोनों कप्तान मैदान पर उतरे, तो स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों की नजरें रुतुराज गायकवाड़ और रजत पाटीदार पर टिकी थीं। सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका मानना था कि चेपॉक की पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है और बाद में स्पिनरों का जादू चल सकता है।

दूसरी ओर, आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार इस फैसले से खुश दिखे, क्योंकि उनकी टीम पहले बल्लेबाजी करने के लिए तैयार थी। दोनों टीमों ने अपनी रणनीति बनाई और मैदान पर उतरने का इंतजार करने लगीं।

आरसीबी की बल्लेबाजी: पाटीदार और कोहली का जलवा

आरसीबी की पारी की शुरुआत विराट कोहली और फिल सॉल्ट ने की। दोनों ने पहले ओवर से ही आक्रामक रुख अपनाया। सीएसके के तेज गेंदबाज नाथन एलिस ने पहला ओवर डाला, लेकिन कोहली ने तीसरी गेंद पर शानदार कवर ड्राइव के साथ चौका जड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिए।

सॉल्ट ने भी अगले ओवर में खालिल अहमद के खिलाफ दो चौके लगाकर सीएसके के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। पहले 6 ओवरों में आरसीबी ने 56 रन बनाए, जिसमें सिर्फ एक विकेट गिरा। सॉल्ट 32 रन बनाकर खालिल अहमद की गेंद पर आउट हुए, लेकिन कोहली ने पारी को संभाले रखा।

देवदत्त पादिकल  तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए और उन्होंने कोहली के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने स्पिनरों रविचंद्रन अश्विन और नूर अहमद के खिलाफ सावधानी बरती, लेकिन मौका मिलते ही बड़े शॉट्स खेले।

पाटीदार ने 10वें ओवर में नूर अहमद की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से छक्का जड़ा, जिसने स्टेडियम में मौजूद आरसीबी प्रशंसकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कोहली ने भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और 30 गेंदों में 31 रन बनाकर अहमद  की गेंद पर आउट हुए। हालांकि, उनकी पारी ने टीम को मजबूत नींव दी।

इसके बाद लियाम रजत पाटीदार  और देवदत्त  ने आक्रामक बल्लेबाजी की।देवदत्त  ने 14 गेंदों में 27 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 2 छक्के शामिल थे। टिम डेविड ने अंतिम ओवर में सैम कुरेन की गेंदों पर लगातार तीन छक्के जड़कर आरसीबी का स्कोर 20 ओवरों में 196/7 तक पहुंचाया।

पाटीदार ने 51 रनों की शानदार पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। सीएसके के लिए नूर अहमद ने 3 विकेट लिए, जबकि खालिल अहमद और आश्विन  को 1-1 विकेट मिला। कुल मिलाकर, आरसीबी ने एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसे चेपॉक की धीमी पिच पर हासिल करना आसान नहीं था।

सीएसके की बल्लेबाजी: शुरुआती झटके और धोनी का अंतिम संघर्ष

197 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीएसके की शुरुआत बेहद खराब रही। रचिन रविंद्र और रुतुराज गायकवाड़ ने पारी की शुरुआत की, लेकिन जोश हेजलवुड ने दूसरे ओवर में ही दोनों राहुल त्रिपाठी और ऋतुराज गायकवाड  को पवेलियन भेज दिया। राहुल 5 रन और गायकवाड़ 0 रन बनाकर आउट हुए, जिससे स्कोर 8/2 हो गया।

हुड्डा ने पारी को संभालने की कोशिश की, पर वे भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और भुवनेश्वर के जाल में  फंसकर 4 रन बनाकर आउट हो गए।

शिवम दुबे और सैम कुरेन ने बीच में कुछ उम्मीद जगाई। दुबे ने 15 गेंदों में 19 रन बनाए, जिसमें एक छक्का और दो चौके शामिल थे। लेकिन यश दयाल ने एक बार फिर कमाल दिखाया और दुबे को बोल्ड कर सीएसके को छठा झटका दिया।

इसके बाद रविंद्र जडेजा और एमएस धोनी क्रीज पर आए। उस वक्त सीएसके को 28 गेंदों में 98 रनों की जरूरत थी, जो लगभग असंभव लग रहा था। जडेजा ने हेजलवुड के खिलाफ एक चौका और एक छक्का लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठे।

अब सबकी नजरें धोनी पर थीं। ‘धोनी‘ ने आते ही अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की। अंतिम ओवर में क्रुणाल पांड्या की गेंदों पर धोनी ने दो छक्के और तीन  चौका जड़े , जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शक झूम उठे।

हालांकि, यह सिर्फ हार के अंतर को कम करने के लिए था। धोनी 16 गेंदों में 30 रन बनाकर नाबाद रहे, लेकिन सीएसके 20 ओवरों में 146/8 पर सिमट गई और 50 रनों से हार गई। आरसीबी के लिए जोश हेजलवुड ने 3/21 के शानदार आंकड़े हासिल किए, जबकि यश दयाल ने 2 विकेट लिए।

कप्तानों के बयान:  

मैच के बाद सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने कहा, “हमें शुरुआत में ही बड़े झटके लगे, जिससे वापसी करना मुश्किल हो गया। पिच थोड़ी धीमी थी, लेकिन हमें बल्लेबाजी में बेहतर करना चाहिए था। आरसीबी ने बहुत अच्छा खेल दिखाया, खासकर उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अनुशासन देखने को मिला। हमें अगले मैच में वापसी करनी होगी। धोनी भाई ने अंत में शानदार कोशिश की, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा था।”

वहीं, आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “चेपॉक में जीतना हमेशा खास होता है। यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक जीत है। कोहली ने शानदार शुरुआत दी और गेंदबाजों ने इसे बरकरार रखा। टिम डेविड का अंतिम ओवर कमाल का था। हमारी टीम ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और इसी तरह आगे बढ़ना चाहेंगे।”

मैच का विश्लेषण: क्या रहा निर्णायक?

इस मैच में कई ऐसे पल थे जो आरसीबी की जीत के लिए निर्णायक साबित हुए। सबसे पहले, उनकी बल्लेबाजी में गहराई नजर आई। कोहली और पाटीदार ने मिडिल ओवरों में संयम के साथ बड़े शॉट्स खेले, जबकि टिम डेविड ने अंत में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर स्कोर को 196 तक पहुंचाया।

दूसरी ओर, सीएसके की बल्लेबाजी शुरुआत से ही दबाव में दिखी। हेजलवुड और दयाल की सटीक गेंदबाजी ने सीएसके के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया, जिससे मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ गया।

धोनी की अंतिम कोशिश ने फैंस का दिल जीता, लेकिन यह जीत के लिए काफी नहीं थी। कुल मिलाकर, आरसीबी की संतुलित टीम और रणनीति ने उन्हें इस मुकाबले में बाजी मारने में मदद की।

खिलाड़ियों का प्रदर्शन: सितारे जो चमके

फिल साल्ट  ने एक बार फिर साबित किया कि वह बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। उनकी 32 रनों की पारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दी। रजत पाटीदार ने कप्तानी पारी खेली और 51 रनों के साथ प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया। जोश हेजलवुड ने गेंदबाजी में कमाल दिखाया और 3 महत्वपूर्ण विकेट लेकर सीएसके की कमर तोड़ दी। टिम डेविड का अंतिम ओवर (18 रन) आरसीबी के स्कोर को ऊंचाइयों तक ले गया।

सीएसके की ओर से एमएस धोनी ने अंत में अपनी चमक दिखाई, लेकिन यह हार को टालने के लिए काफी नहीं था। राहुल त्रिपाठी और रुतुराज गायकवाड़ का जल्दी आउट होना टीम के लिए महंगा साबित हुआ। नूर अहमद ने गेंदबाजी में कोशिश की, लेकिन बल्लेबाजों का साथ न मिलने से उनकी मेहनत बेकार गई।

ऐतिहासिक संदर्भ: चेपॉक में आरसीबी की पहली जीत

यह जीत आरसीबी के लिए इसलिए भी खास थी क्योंकि उन्होंने 2008 के बाद पहली बार चेपॉक में सीएसके को हराया। इससे पहले 8 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस जीत ने न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि नेट रन रेट में भी बड़ा फायदा पहुंचाया। सीएसके के लिए यह हार एक सबक थी कि घरेलू मैदान पर भी उन्हें अपनी रणनीति को मजबूत करना होगा।

दर्शकों का उत्साह और माहौल: IPL 2025: RCB Vs CSK 

चेपॉक का माहौल हमेशा की तरह शानदार था। पीले रंग की जर्सी में सजे सीएसके फैंस ने शुरू से अंत तक अपनी टीम का हौसला बढ़ाया। धोनी के मैदान पर उतरते ही स्टेडियम “धोनी-धोनी” के नारों से गूंज उठा।

आरसीबी के प्रशंसक भी कम संख्या में मौजूद थे और उन्होंने अपनी टीम की जीत को जोर-शोर से सेलिब्रेट किया। यह मुकाबला न सिर्फ मैदान पर, बल्कि सोशल मीडिया पर भी छाया रहा, जहां फैंस ने अपने-अपने तरीके से इस जीत और हार पर प्रतिक्रिया दी।


10 सामान्य प्रश्न (FAQs)

  1. 28 मार्च 2025 को आरसीबी बनाम सीएसके मैच का परिणाम क्या रहा?
    आरसीबी ने सीएसके को 50 रनों से हराया। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 196/7 बनाए, जबकि सीएसके 146/8 पर सिमट गई।
  2. मैच का प्लेयर ऑफ द मैच कौन बना?
    रजत पाटीदार को 51 रनों की शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
  3. सीएसके ने टॉस जीतकर क्या फैसला लिया?
    सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया।
  4. विराट कोहली ने कितने रन बनाए?
    विराट कोहली ने 30 गेंदों में 31 रन बनाए और आरसीबी को मजबूत शुरुआत देने की कोशिश की।
  5. एमएस धोनी का प्रदर्शन कैसा रहा?
    धोनी ने 16 गेंदों में 30 रन बनाए, जिसमें 2 छक्के और 1 चौका शामिल था। वह नाबाद रहे, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
  6. आरसीबी के लिए सबसे सफल गेंदबाज कौन रहा?
    जोश हेजलवुड ने 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट लिए और सीएसके की बल्लेबाजी को ध्वस्त किया।
  7. यह जीत आरसीबी के लिए क्यों खास थी?
    यह 2008 के बाद चेपॉक में सीएसके के खिलाफ आरसीबी की पहली जीत थी, जो उनके लिए ऐतिहासिक रही।
  8. सीएसके की हार का मुख्य कारण क्या था?
    शुरुआती ओवरों में टॉप ऑर्डर का जल्दी आउट होना और मिडिल ओवरों में रन गति को बढ़ाने में नाकामी सीएसके की हार का कारण बनी।
  9. मैच कहां खेला गया था?
    यह मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला गया।
  10. क्या इस हार से सीएसके का अभियान प्रभावित होगा?
    अभी सीजन की शुरुआत है, और सीएसके के पास वापसी का पूरा मौका है। हालांकि, उन्हें अपनी बल्लेबाजी रणनीति पर काम करना होगा।

निष्कर्ष: एक नई कहानी का आगाज

28 मार्च 2025 का यह मुकाबला न सिर्फ एक मैच था, बल्कि एक नई कहानी का आगाज था। आरसीबी ने चेपॉक के अभेद्य किले को ढहाकर साबित कर दिया कि वे इस बार कुछ अलग करने आए हैं। कोहली का जज्बा, पाटीदार की कप्तानी, और हेजलवुड की धार ने मिलकर एक ऐसी जीत लिखी, जो आने वाले दिनों में फैंस के जेहन में ताजा रहेगी।

दूसरी ओर, सीएसके के लिए यह हार एक झटका जरूर है, लेकिन धोनी और गायकवाड़ की जोड़ी इसे जल्द ही पीछे छोड़ने की काबिलियत रखती है। तो क्या यह आरसीबी की नई सुनहरी शुरुआत है? या सीएसके का अगला कदम सबको चौंका देगा? जवाब के लिए हमें अगले मुकाबले का इंतजार करना होगा। तब तक, क्रिकेट का यह जादू यूं ही चलता रहेगा, दिलों को जोड़ता रहेगा, और हमें रोमांच से भरता रहेगा!

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