विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से सन्यास: की अचानक घोषणा
14 मई 2025 को क्रिकेट की दुनिया उस समय स्तब्ध रह गई जब भारत के सबसे बड़े क्रिकेट आइकन, विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। यह खबर न केवल भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए, बल्कि वैश्विक क्रिकेट समुदाय के लिए भी एक भावनात्मक झटका थी। कोहली, जिन्हें आधुनिक क्रिकेट का ‘किंग’ कहा जाता है, ने अपने 14 साल के टेस्ट करियर में अनगिनत रिकॉर्ड बनाए और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

इस लेख में हम कोहली के संन्यास के पीछे की कहानी, उनके टेस्ट करियर की पूरी यात्रा, उनके रिकॉर्ड, अनोखी उपलब्धियां, और उन घटनाओं का विश्लेषण करेंगे जो उनकी विरासत को और भी खास बनाती हैं। साथ ही, हम 10 सामान्य सवालों के जवाब और एक निष्कर्ष भी प्रस्तुत करेंगे ताकि यह लेख आपके लिए संपूर्ण और रोचक हो।
संन्यास की घोषणा: एक अप्रत्याशित फैसला
12 मई 2025 को, विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “14 साल पहले जब मैंने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में नीली टोपी पहनी थी, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह प्रारूप मुझे इतनी लंबी और गहरी यात्रा पर ले जाएगा।
टेस्ट क्रिकेट ने मुझे परखा, मुझे गढ़ा और ऐसी सीख दी जो मैं जीवन भर साथ रखूंगा।” कोहली ने यह भी कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन यह “सही समय” लगता है। इस घोषणा ने न केवल प्रशंसकों को हैरान किया, बल्कि क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों को भी सोच में डाल दिया।

कई लोगों का मानना है कि कोहली का यह फैसला उनकी हाल की फॉर्म, बीसीसीआई के कुछ नीतिगत बदलावों, और निजी जीवन की प्राथमिकताओं का परिणाम हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 3-1 की हार के बाद बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने और विदेशी दौरे पर परिवारों को साथ ले जाने पर रोक लगाने जैसे कड़े फैसले लिए।
इन नीतियों ने कोहली को अपने टेस्ट करियर पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया हो सकता है। इसके अलावा, कोहली के करीबी सूत्रों का कहना है कि वह अपने युवा परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं, जिसमें उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा और उनके दो बच्चे शामिल हैं।
टेस्ट क्रिकेट में कोहली की शुरुआत: एक सितारे का उदय
विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत जून 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ की थी। यह दौरा उनके लिए निराशाजनक रहा, जहां उन्होंने पांच पारियों में केवल 76 रन बनाए। लेकिन कोहली की प्रतिभा और जुनून ने जल्द ही दुनिया का ध्यान खींचा। 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक (116 रन) बनाया, जिसने उनके आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे रवैये को प्रदर्शित किया। यह वह दौर था जब कोहली ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से, बल्कि अपनी नेतृत्व क्षमता से भी भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बनानी शुरू की।

उनके शुरुआती वर्षों में कोहली को तकनीकी कमियों और अनुशासन की कमी जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने अपनी फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, और तकनीक पर काम करके खुद को एक विश्वस्तरीय बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। 2014 में इंग्लैंड दौरे पर उनकी खराब फॉर्म (10 पारियों में 134 रन) ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया था। बाद में कोहली ने खुलासा किया कि वह उस समय अवसाद से जूझ रहे थे। इस मुश्किल दौर में सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों ने उनकी मदद की, जिसके बाद कोहली ने अपनी बल्लेबाजी को और निखारा।
टेस्ट क्रिकेट में कोहली का स्वर्णिम दौर: 2016-2019
कोहली का टेस्ट करियर 2016 से 2019 के बीच अपने चरम पर था। इस दौरान उन्होंने 43 टेस्ट मैचों में 4208 रन बनाए, जिसमें 16 शतक और 10 अर्धशतक शामिल थे। उनकी औसत 66.79 थी, और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254* था। इस अवधि में कोहली ने न केवल रन बनाए, बल्कि भारतीय टेस्ट टीम को एक आक्रामक और जीतने वाली इकाई में बदला। उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, और दक्षिण अफ्रीका जैसे कठिन मैदानों पर जीत हासिल की।

2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में बनाया गया उनका 123 रन का स्कोर उनकी तकनीक और धैर्य का शानदार उदाहरण था। इस पारी में कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को पूरी तरह से हावी किया और भारत को जीत की ओर ले गए। इसी तरह, 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में उनकी 153 रन की पारी ने उनकी मुश्किल परिस्थितियों में रन बनाने की क्षमता को उजागर किया।
कोहली की कप्तानी: भारतीय टेस्ट क्रिकेट का नया युग
2014 में महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद कोहली को भारतीय टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई। उनकी कप्तानी में भारत ने 68 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 40 जीत, 17 हार, और 11 ड्रॉ रहे। यह भारतीय टेस्ट कप्तानों में सबसे शानदार रिकॉर्ड है। कोहली ने न केवल जीत का मंत्र दिया, बल्कि भारतीय क्रिकेट में फिटनेस और आक्रामकता का नया संस्कृति स्थापित की।

उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में भारत की पहली टेस्ट सीरीज जीत थी। यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर थी, क्योंकि इससे पहले कोई भी भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई थी। कोहली की रणनीति, तेज गेंदबाजों पर भरोसा, और बल्लेबाजों को स्वतंत्रता देने की नीति ने भारत को एक दबदबा बनाने वाली टीम में बदल दिया।
कोहली के टेस्ट करियर के आंकड़े: एक नजर में
विराट कोहली ने अपने 14 साल के टेस्ट करियर में 123 मैच खेले और 9230 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी औसत 46.85 रही, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254* है, जो उन्होंने 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पुणे में बनाया था। कोहली भारत के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टेस्ट बल्लेबाज हैं, जिनके आगे केवल सचिन तेंदुलकर (15921 रन), राहुल द्रविड़ (13288 रन), और सुनील गावस्कर (10122 रन) हैं।

कोहली ने सात दोहरे शतक बनाए, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा है। उनके 20 टेस्ट शतक कप्तान के रूप में आए, जो एक विश्व रिकॉर्ड है। इसके अलावा, उन्होंने 5864 रन कप्तान के रूप में बनाए, जो भारतीय कप्तानों में सबसे ज्यादा है। उनकी 40 जीत उन्हें ग्रेम स्मिथ (53 जीत), रिकी पॉन्टिंग (48 जीत), और स्टीव वॉ (41 जीत) के बाद चौथा सबसे सफल टेस्ट कप्तान बनाती है।
अनोखे रिकॉर्ड और उपलब्धियां
कोहली के करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड हैं जो उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग करते हैं। 2016 में, उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में तीन दोहरे शतक बनाए, जो उस समय एक दुर्लभ उपलब्धि थी। उनकी यह क्षमता कि वह लंबी पारियां खेल सकते हैं, उन्हें टेस्ट क्रिकेट का सच्चा योद्धा बनाती थी। इसके अलावा, कोहली ने विदेशी मैदानों पर 15 टेस्ट शतक बनाए, जो भारतीय बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है।

एक और अनोखा रिकॉर्ड है उनकी फिटनेस का। कोहली ने अपने करियर में कभी भी फिटनेस के कारण कोई टेस्ट मैच मिस नहीं किया। उनकी डाइट, वर्कआउट रूटीन, और अनुशासन ने न केवल उन्हें बल्कि पूरी भारतीय टीम को प्रेरित किया। कोहली की अगुआई में भारत ने 2019 में पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान हासिल किया, जो उनकी नेतृत्व क्षमता का प्रमाण था।
यादगार घटनाएं और विवाद
कोहली का करियर जितना उनकी उपलब्धियों के लिए जाना जाता है, उतना ही कुछ विवादों और भावनात्मक क्षणों के लिए भी। 2011 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कोहली ने दर्शकों की ओर अभद्र इशारा किया था, जिसके लिए उन्हें जुर्माना भरना पड़ा। लेकिन इस घटना ने उनके आक्रामक स्वभाव को दुनिया के सामने ला दिया। 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में कोहली की 153 रन की पारी के दौरान, उन्होंने मैदान पर अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त किया, जो प्रशंसकों के लिए एक यादगार पल बन गया।
2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में कोहली की बेटी वामिका के जन्म के लिए भारत लौटने का फैसला भी चर्चा में रहा। यह घटना उनकी निजी और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन को दर्शाती है। इसके अलावा, कोहली और कोच गौतम गंभीर के बीच कथित मतभेद ने भी सुर्खियां बटोरीं। कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि गंभीर की युवा खिलाड़ियों पर जोर देने वाली नीति ने कोहली के संन्यास के फैसले को प्रभावित किया हो सकता है। हालांकि, कोहली ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
अनुष्का शर्मा का भावुक संदेश
कोहली के संन्यास की घोषणा के बाद उनकी पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने एक भावुक पोस्ट साझा किया, जो वायरल हो गया। उन्होंने लिखा, “लोग रिकॉर्ड और मील के पत्थर की बात करेंगे, लेकिन मैं उन आंसुओं को याद रखूंगी जो तुमने कभी नहीं दिखाए, उन लड़ाइयों को जो किसी ने नहीं देखीं, और उस अटूट प्यार को जो तुमने इस प्रारूप को दिया।”

अनुष्का ने स्टैंड-अप कॉमेडियन वरुण ग्रोवर की एक पोस्ट को भी री-शेयर किया, जिसमें लिखा था, “टेस्ट क्रिकेट खास है क्योंकि यह एक कथात्मक खेल है। केवल वही लोग इसमें सफल होते हैं जिनके पास बताने के लिए एक कहानी होती है।”
संन्यास के बाद कोहली का भविष्य
कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया है, लेकिन वह अभी भी वनडे क्रिकेट में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने पिछले साल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया था। भारत को 2027 विश्व कप तक कम से कम 24 वनडे मैच खेलने हैं, और कोहली इस प्रारूप में अपनी विरासत को और मजबूत करना चाहेंगे। इसके अलावा, वह आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलना जारी रखेंगे, जहां उनकी फैन फॉलोइंग अभूतपूर्व है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कोहली अब कोचिंग या मेंटरशिप की भूमिका में भी उतर सकते हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता और क्रिकेट की समझ उन्हें भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए एक मूल्यवान संपत्ति बना सकती है। इसके अलावा, कोहली के ब्रांड वैल्यू और सोशल मीडिया पर 270 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स उन्हें विज्ञापन और व्यावसायिक दुनिया में भी सक्रिय रखेंगे।
टेस्ट क्रिकेट पर कोहली का प्रभाव
कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को न केवल भारत में, बल्कि विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी आक्रामकता, जुनून, और खेल के प्रति समर्पण ने टी20 क्रिकेट के युग में टेस्ट क्रिकेट को जीवंत रखा।
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर रमीज राजा ने कहा, “उनके संन्यास के बाद टेस्ट क्रिकेट शांत और खाली सा लगेगा, क्योंकि वह इसके सबसे बड़े प्रवक्ता थे।” कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को एक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी प्रारूप के रूप में पुनर्जनन दिया, जिसके लिए दुनिया हमेशा उनका आभारी रहेगी।
कोहली की विरासत: एक प्रेरणा
विराट कोहली की कहानी केवल रनों और शतकों की नहीं है। यह एक ऐसी कहानी है जो मेहनत, समर्पण, और असफलताओं से उबरने की है। दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर विश्व क्रिकेट के शिखर तक पहुंचने की उनकी यात्रा हर युवा के लिए प्रेरणा है। कोहली ने न केवल क्रिकेट को बदला, बल्कि खेल में फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, और नेतृत्व के नए मानक स्थापित किए।
उनकी विरासत उन खिलाड़ियों में जीवित रहेगी जो उनकी तरह खेलने का सपना देखते हैं। कोहली ने दिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी जीत संभव है, बशर्ते आपके पास जुनून और आत्मविश्वास हो। उनकी कहानी एक ऐसी किताब है जिसका हर पन्ना प्रेरणा से भरा है।
सामान्य सवाल और जवाब (FAQs):
1. विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास कब लिया?
विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।
2. कोहली ने अपने टेस्ट करियर में कितने रन बनाए?
कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 9230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं।
3. कोहली की सबसे बड़ी टेस्ट पारी कौन सी थी?
कोहली का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर 254* है, जो उन्होंने 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पुणे में बनाया था।
4. कोहली ने कितने टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की?
कोहली ने 68 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की, जिसमें 40 जीत हासिल की।
5. कोहली के संन्यास का मुख्य कारण क्या था?
कोहली ने अपने संन्यास का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन उनकी हाल की फॉर्म, बीसीसीआई की नीतियां, और निजी जीवन की प्राथमिकताएं संभावित कारण हो सकते हैं।
6. क्या कोहली अब भी क्रिकेट खेलेंगे?
हां, कोहली वनडे क्रिकेट और आईपीएल में खेलना जारी रखेंगे।
7. कोहली ने कितने दोहरे शतक बनाए?
कोहली ने सात दोहरे शतक बनाए, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा है।
8. कोहली का टेस्ट क्रिकेट में औसत कितना है?
कोहली का टेस्ट क्रिकेट में औसत 46.85 है।
9. कोहली की सबसे यादगार टेस्ट पारी कौन सी थी?
2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में 123 रन और 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में 153 रन की उनकी पारियां सबसे यादगार हैं।
10. कोहली की विरासत को कैसे याद किया जाएगा?
कोहली को उनकी आक्रामकता, फिटनेस, नेतृत्व, और टेस्ट क्रिकेट के प्रति जुनून के लिए याद किया जाएगा।
निष्कर्ष:
विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास न केवल एक खिलाड़ी का अंत है, बल्कि एक युग का समापन है। उनके 9230 रन, 30 शतक, और 40 जीत ने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी। कोहली ने न केवल मैदान पर, बल्कि मैदान के बाहर भी अपनी छाप छोड़ी।
उनकी फिटनेस, जुनून, और नेतृत्व ने क्रिकेट को एक नया आयाम दिया। भले ही वह अब टेस्ट क्रिकेट में नहीं दिखेंगे, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी। कोहली की कहानी हमें सिखाती है कि मेहनत और आत्मविश्वास के साथ कोई भी सपना हकीकत में बदला जा सकता है।