रिटायर्ड भारतीय क्रिकेटरों के लिए पेंशन मानदंड: एक विस्तृत गाइड
भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है। लाखों लोग इस खेल को प्यार करते हैं और क्रिकेटरों को अपने नायकों के रूप में देखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब ये क्रिकेटर अपने करियर को अलविदा कह देते हैं, तो उनके जीवन का आर्थिक पहलू कैसा होता है?

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने रिटायर्ड क्रिकेटरों के लिए एक पेंशन योजना शुरू की है, जो उनके योगदान को सम्मान देने और उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक तरीका है। इस लेख में हम रिटायर्ड भारतीय क्रिकेटरों के लिए पेंशन मानदंडों को बहुत ही सरल हिंदी में समझाएंगे।
हम यह भी देखेंगे कि यह योजना कैसे काम करती है, कौन इसके लिए पात्र है, और इससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को।
BCCI की पेंशन योजना का इतिहास
BCCI ने 2004 में रिटायर्ड क्रिकेटरों के लिए पेंशन योजना की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य उन खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना था, जिन्होंने भारत के लिए क्रिकेट खेला और देश का नाम रोशन किया। उस समय क्रिकेट में आज जितनी कमाई नहीं थी, खासकर घरेलू और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में। कई पूर्व क्रिकेटर रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी का सामना करते थे। इस योजना ने उनके जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2015 और 2022 में BCCI ने इस योजना में कई बदलाव किए और पेंशन की राशि को बढ़ाया। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि पूर्व क्रिकेटरों को मुद्रास्फीति (inflation) और बढ़ती जीवन लागत के बीच पर्याप्त सहायता मिले। आज BCCI की यह योजना न केवल पुरुष क्रिकेटरों के लिए है, बल्कि महिला क्रिकेटरों और अंपायरों को भी कवर करती है।
पेंशन के लिए पात्रता मानदंड:
BCCI की पेंशन योजना में पात्रता के लिए कुछ मानदंड तय किए गए हैं। ये मानदंड क्रिकेटरों के खेल के स्तर (टेस्ट, प्रथम श्रेणी, या महिला क्रिकेट) और उनके द्वारा खेले गए मैचों की संख्या पर आधारित हैं। आइए, इसे विस्तार से समझते हैं:
1. टेस्ट क्रिकेटरों के लिए पेंशन
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31 दिसंबर, 1993 से पहले रिटायर हुए टेस्ट क्रिकेटर: अगर किसी क्रिकेटर ने 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं और वे 31 दिसंबर, 1993 से पहले रिटायर हुए हैं, तो उन्हें प्रति माह 70,000 रुपये की पेंशन मिलती है।
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1994 या उसके बाद रिटायर हुए टेस्ट क्रिकेटर: जो क्रिकेटर 1 जनवरी, 1994 या उसके बाद रिटायर हुए और उन्होंने 25 से कम टेस्ट खेले, उन्हें प्रति माह 60,000 रुपये मिलते हैं। अगर उन्होंने 25 से अधिक टेस्ट खेले, तो पेंशन की राशि 70,000 रुपये प्रति माह है।
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100 से अधिक टेस्ट खेलने वाले: कुछ क्रिकेटरों ने 100 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, जैसे सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, और अनिल कुंबले। ऐसे खिलाड़ियों को एकमुश्त राशि (1.5 करोड़ रुपये तक) और मासिक पेंशन दोनों मिल सकती है।
2. प्रथम श्रेणी (फर्स्ट-क्लास) क्रिकेटरों के लिए
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट शामिल हैं। इनके लिए पेंशन मानदंड इस प्रकार हैं:
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1957-58 सीजन से पहले 10 या अधिक रणजी मैच: जिन क्रिकेटरों ने 1957-58 सीजन से पहले कम से कम 10 रणजी मैच खेले, उन्हें प्रति माह 30,000 रुपये की पेंशन मिलती है।
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2003-04 सीजन तक 25-49 प्रथम श्रेणी मैच: ऐसे क्रिकेटर जो 2003-04 सीजन तक 25 से 49 प्रथम श्रेणी मैच खेल चुके हैं, उन्हें 30,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं।
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50-74 प्रथम श्रेणी मैच: अगर किसी ने 50 से 74 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, तो उन्हें 45,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं।
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75 या अधिक प्रथम श्रेणी मैच: जिन क्रिकेटरों ने 75 या उससे अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेले, उन्हें 52,500 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाती है।
3. महिला क्रिकेटरों के लिए
महिला क्रिकेटरों के लिए भी BCCI ने पेंशन योजना बनाई है, जो इस प्रकार है:
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10 या अधिक टेस्ट मैच: जिन महिला क्रिकेटरों ने 10 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, उन्हें प्रति माह 52,500 रुपये मिलते हैं।
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5 से 9 टेस्ट मैच: अगर किसी महिला क्रिकेटर ने 5 से 9 टेस्ट मैच खेले हैं, तो उन्हें 30,000 रुपये प्रति माह की पेंशन मिलती है।
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वनडे इंटरनेशनल (ODI): जिन महिला क्रिकेटरों ने वनडे इंटरनेशनल खेले हैं, उन्हें प्रति माह 15,000 रुपये की पेंशन दी जाती है।
4. अंपायरों और अन्य अधिकारियों के लिए
BCCI ने रिटायर्ड अंपायरों को भी पेंशन योजना में शामिल किया है:
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टेस्ट अंपायर: जो अंपायर टेस्ट मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं, उन्हें प्रति माह 22,500 रुपये मिलते हैं।
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ODI अंपायर: जिन अंपायरों ने वनडे इंटरनेशनल में अंपायरिंग की है, उन्हें 15,000 रुपये प्रति माह की पेंशन मिलती है।
5. क्रिकेटरों की विधवाओं के लिए
BCCI ने क्रिकेटरों की विधवाओं के लिए भी प्रावधान किया है। अगर कोई टेस्ट क्रिकेटर या अंपायर मर जाता है, तो उनकी विधवा को उनके जीवनकाल तक वही पेंशन राशि मिलती रहती है, जो उनके पति को मिल रही थी। यह कदम विशेष रूप से उन परिवारों के लिए मददगार है, जिनके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है।
पेंशन योजना में बदलाव और बढ़ोतरी
BCCI ने समय-समय पर पेंशन राशि को बढ़ाया है ताकि रिटायर्ड क्रिकेटरों को बढ़ती महंगाई के बीच राहत मिल सके। उदाहरण के लिए:
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2015 में बदलाव: 2015 में BCCI ने घोषणा की थी कि 31 दिसंबर, 1993 से पहले रिटायर हुए टेस्ट क्रिकेटर, जिन्होंने 25 से अधिक टेस्ट खेले, उन्हें 50,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। इसके अलावा, एकमुश्त राशि भी दी गई, जैसे 100 से अधिक टेस्ट खेलने वालों को 1.5 करोड़ रुपये।
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2022 में बढ़ोतरी: 2022 में BCCI ने पेंशन राशि को लगभग दोगुना कर दिया। उदाहरण के लिए, जो प्रथम श्रेणी क्रिकेटर पहले 15,000 रुपये प्रति माह पा रहे थे, उन्हें अब 30,000 रुपये मिलते हैं। टेस्ट क्रिकेटरों की पेंशन 37,500 रुपये से बढ़कर 60,000 रुपये और 50,000 रुपये से 70,000 रुपये हो गई।

इस बढ़ोतरी से लगभग 900 पूर्व क्रिकेटरों और अंपायरों को लाभ हुआ, जिसमें से 75% से अधिक को 100% की वृद्धि मिली। BCCI के सचिव जय शाह ने कहा, “हमारे पूर्व क्रिकेटरों का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। यह बढ़ोतरी उनके योगदान के लिए हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।”
पेंशन योजना के लाभ:
BCCI की पेंशन योजना के कई लाभ हैं:
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आर्थिक सुरक्षा: यह योजना रिटायर्ड क्रिकेटरों को नियमित आय प्रदान करती है, जिससे उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी होती हैं।
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सम्मान का प्रतीक: पेंशन न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि यह पूर्व क्रिकेटरों के योगदान को सम्मान देने का एक तरीका भी है।
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महिलाओं और अंपायरों को शामिल करना: यह योजना समावेशी है, क्योंकि इसमें महिला क्रिकेटरों और अंपायरों को भी शामिल किया गया है।
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परिवारों की मदद: क्रिकेटरों की विधवाओं को पेंशन मिलने से उनके परिवारों को भी सहारा मिलता है।
चुनौतियां और सुधार की जरूरत:
हालांकि BCCI की पेंशन योजना सराहनीय है, लेकिन इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं:
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कम मैच खेलने वाले क्रिकेटर: कुछ पूर्व क्रिकेटर, जैसे देवराज गोविंदराज, ने शिकायत की है कि BCCI ने उनके प्रथम श्रेणी मैचों की संख्या को गलत गिना, जिसके कारण उन्हें कम पेंशन मिल रही है।
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25 से कम प्रथम श्रेणी मैच: जो क्रिकेटर 25 से कम प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, वे इस योजना के दायरे में नहीं आते। पूर्व BCCI सचिव निरंजन शाह ने सुझाव दिया कि इन खिलाड़ियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
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मुद्रास्फीति का प्रभाव: हालांकि पेंशन राशि बढ़ाई गई है, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण कुछ क्रिकेटरों को यह राशि अपर्याप्त लगती है।
इन चुनौतियों को दूर करने के लिए BCCI को और अधिक समावेशी नीतियां अपनाने की जरूरत है। उदाहरण के लिए, कम मैच खेलने वाले क्रिकेटरों को भी न्यूनतम पेंशन दी जा सकती है।
पेंशन योजना की तुलना अन्य देशों से
दुनिया के अन्य क्रिकेट बोर्ड, जैसे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया, भी अपने रिटायर्ड क्रिकेटरों के लिए पेंशन योजनाएं चलाते हैं। हालांकि, BCCI की योजना को सबसे उदार माना जाता है। उदाहरण के लिए:
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इंग्लैंड: इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) अपने पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों को पेंशन देता है, लेकिन राशि BCCI की तुलना में कम है। केवल टेस्ट क्रिकेटर ही इसके लिए पात्र होते हैं, न कि प्रथम श्रेणी खिलाड़ी।
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ऑस्ट्रेलिया: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की पेंशन योजना भी सीमित है और केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को कवर करती है।
BCCI की योजना की खास बात यह है कि यह प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों, महिला क्रिकेटरों, और अंपायरों को भी शामिल करती है, जो इसे अधिक व्यापक बनाती है।
पूर्व क्रिकेटरों की प्रतिक्रिया
कई पूर्व क्रिकेटरों ने BCCI की पेंशन योजना की सराहना की है। उदाहरण के लिए:
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कपिल देव: भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि पेंशन में बढ़ोतरी उन परिवारों के लिए बहुत जरूरी थी, जो इस राशि पर निर्भर हैं।
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मोहम्मद कैफ: पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कहा कि उनके पिता, जो एक पूर्व क्रिकेटर हैं, इस पेंशन से बहुत खुश हैं। उन्होंने इसे BCCI का बड़ा दिल दिखाने वाला कदम बताया।
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शांता रंगास्वामी: भारत की पूर्व महिला क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेटर एसोसिएशन (ICA) की प्रतिनिधि शांता रंगास्वामी ने कहा कि यह योजना कई पूर्व क्रिकेटरों के लिए जीवन रक्षक है।
पेंशन के अलावा अन्य सहायता
BCCI पेंशन के अलावा भी पूर्व क्रिकेटरों की मदद करता है:
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चिकित्सा नीति: BCCI ने पूर्व क्रिकेटरों के लिए एक उदार चिकित्सा नीति शुरू की है, जो उनके स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को कवर करती है।
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एकमुश्त लाभ: कुछ क्रिकेटरों को उनके करियर के आधार पर एकमुश्त राशि दी जाती है। उदाहरण के लिए, 100 से अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने वालों को 25 लाख रुपये तक मिल सकते हैं।
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कोचिंग और कमेंट्री: कई रिटायर्ड क्रिकेटर कोचिंग, कमेंट्री, या प्रशासनिक भूमिकाओं में काम करके अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं।
भविष्य की संभावनाएं:
BCCI की पेंशन योजना भविष्य में और बेहतर हो सकती है। भारतीय क्रिकेटर एसोसिएशन (ICA) ने सुझाव दिया है कि:
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25 से कम प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले क्रिकेटरों को भी पेंशन दी जाए।
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महिला घरेलू क्रिकेटरों के लिए पेंशन योजना शुरू की जाए।
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पेंशन राशि को नियमित रूप से मुद्रास्फीति के आधार पर समायोजित किया जाए।
BCCI के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं, और वह भविष्य में इन सुझावों पर विचार कर सकता है। इससे और अधिक पूर्व क्रिकेटरों को लाभ होगा।
निष्कर्ष:
BCCI की पेंशन योजना रिटायर्ड भारतीय क्रिकेटरों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा है। यह न केवल उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि उनके योगदान को सम्मान भी देती है। टेस्ट क्रिकेटरों, प्रथम श्रेणी खिलाड़ियों, महिला क्रिकेटरों, और अंपायरों को शामिल करके यह योजना समावेशी और उदार है। हालांकि, कुछ सुधारों की जरूरत है, जैसे कम मैच खेलने वाले क्रिकेटरों को शामिल करना और पेंशन राशि को नियमित रूप से बढ़ाना।
यह योजना न केवल क्रिकेटरों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक वरदान है। यह दिखाती है कि BCCI अपने नायकों को कभी नहीं भूलता। भविष्य में, हम उम्मीद करते हैं कि यह योजना और अधिक व्यापक और प्रभावी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs): रिटायर्ड भारतीय क्रिकेटर्स को पेंशन
1. BCCI की पेंशन योजना कब शुरू हुई थी?
BCCI ने 2004 में रिटायर्ड क्रिकेटरों के लिए पेंशन योजना शुरू की थी।
2. कौन से क्रिकेटर पेंशन के लिए पात्र हैं?
टेस्ट क्रिकेटर, प्रथम श्रेणी क्रिकेटर (जिन्होंने 25 या अधिक मैच खेले), महिला क्रिकेटर (जिन्होंने 5 या अधिक टेस्ट खेले), और रिटायर्ड अंपायर पेंशन के लिए पात्र हैं।
3. टेस्ट क्रिकेटरों को कितनी पेंशन मिलती है?
31 दिसंबर, 1993 से पहले रिटायर हुए टेस्ट क्रिकेटर, जिन्होंने 25 या अधिक टेस्ट खेले, को 70,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं। 1994 या बाद में रिटायर हुए क्रिकेटरों को 60,000 से 70,000 रुपये मिलते हैं।
4. क्या महिला क्रिकेटरों को भी पेंशन मिलती है?
हां, 10 या अधिक टेस्ट खेलने वाली महिला क्रिकेटरों को 52,500 रुपये और 5-9 टेस्ट खेलने वालियों को 30,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं।
5. क्या क्रिकेटरों की विधवाओं को पेंशन मिलती है?
हां, टेस्ट क्रिकेटरों और अंपायरों की विधवाओं को उनके पति की पेंशन राशि उनके जीवनकाल तक मिलती रहती है।
6. क्या BCCI पेंशन के अलावा अन्य सहायता देता है?
हां, BCCI पूर्व क्रिकेटरों के लिए चिकित्सा नीति, एकमुश्त राशि, और कोचिंग या कमेंट्री जैसे अवसर प्रदान करता है।
7. क्या पेंशन राशि समय के साथ बढ़ती है?
हां, BCCI ने 2015 और 2022 में पेंशन राशि को बढ़ाया है ताकि पूर्व क्रिकेटरों को मुद्रास्फीति के बीच राहत मिले।